name='viewport'/> link rel=“canonical”href=“https://ahiredeepak.blogspot.com/” /> स्व-काव्यांकुर (Swa-Kavyankur): अबाेल हाेते शब्द (Taciturn my words)

अबाेल हाेते शब्द (Taciturn my words)

अबाेल हाेते शब्द...
Taciturn my words


Taciturn my words
  

अबाेल हाेते शब्द               
बाेलके ते झाले,                 
तुझ्यामुळेच शब्दाला         
अर्थ ते गवसले                 

अबाेल हाेते शब्द
सुप्त हृदयात साठवून, 
अचानकच प्रकटले
मेंदूच्या कुपीतून आठवून

अबाेल हाेते शब्द              
झंकारली तू विणा,           
निघाले सूर शब्दाचे           
स्फुरले ते मना              

अबाेल हाेते शब्द 
परिसस्पर्श तुझा लाभला, 
शब्द माझ्या जगाचा
तुझ्या काळजीचा झाला

© दीपक अहिरे, नाशिक

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